घर पर होने वाली पूजाएँ

रुद्राभिषेक, गृह प्रवेश और ग्रह शांति जैसी पूजाओं को जानें। WhatsApp पर व्यवस्था तय करने से पहले विधि और सामग्री पढ़ें।

पूजा की तैयारी में सजी सामग्री, फूल और पीतल का कलश

आपको किस लिए पूजा करानी है?

विधि और सामग्री पढ़ने के लिए पूजा खोलें। पूजा करवाने के लिए WhatsApp पर शहर और तारीख़ भेजें — पंडितजी, मुहूर्त और खर्च पहले आपके साथ तय होते हैं।

9 पूजाएँ

आपकी स्थिति के अनुसार

आपकी कुंडली और समस्या के अनुसार पूजा

आपकी कुंडली और आपकी समस्या के अनुसार हम पूजा करते हैं। अपना जन्म विवरण और अपनी बात WhatsApp पर बताएँ।

WhatsApp पर पूछें
सभी पूजाओं की तुलना करें
पूजाएँ: अवसर, अवधि और सामग्री
पूजाअवसरअवधिसामग्री
रुद्राभिषेकस्वास्थ्य, शांति, बाधा निवारण1.5–2 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
महामृत्युंजय जापस्वास्थ्य, रक्षा, दीर्घायु2–4 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
काल सर्प दोष निवारणकाल सर्प दोष से मुक्ति3–4 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
वास्तु दोष निवारणवास्तु दोष, घर में सुख-शांति3–4 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
गृह प्रवेश पूजानए घर में प्रवेश2–4 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
ग्रह शांतिनवग्रह शांति, ग्रह दोष निवारण2–3 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
गणेश पूजाशुभारंभ, गणेश चतुर्थी1–2 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
लक्ष्मी पूजासमृद्धि, दीपावली, धनतेरस1.5–2 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं
दुर्गा पूजानवरात्रि, शक्ति उपासना3–4 घंटेहम व्यवस्था कर सकते हैं, या आप ख़ुद ला सकते हैं

कौन-सी पूजा चुनें?

पहले देखें कि पूजा किस लिए है। फिर विधि और तैयारी का अंतर समझें।

शांति, स्वास्थ्य या कठिन समय?

रुद्राभिषेक रुद्री पाठ के साथ भगवान शिव का अभिषेक है। महामृत्युंजय जाप स्वास्थ्य और रक्षा के लिए संकल्प सहित मंत्र जाप है। दोनों शिव को समर्पित हैं, पर इनका स्वरूप और अवधि अलग है।

नया घर, या घर के वास्तु की चिंता?

गृह प्रवेश नए घर में पहले प्रवेश का अनुष्ठान है। वास्तु दोष निवारण उस घर या कार्यस्थल के लिए किया जाता है जहाँ वास्तु दोष की चिंता हो, चाहे आप वहाँ पहले से रहते हों। अपनी स्थिति के अनुसार जानकारी देखें।

नई शुरुआत, या कोई पर्व?

गणेश पूजा नए कार्य से पहले और गणेश चतुर्थी पर की जाती है। लक्ष्मी पूजा मुख्य रूप से दीपावली और धनतेरस पर, और दुर्गा पूजा नवरात्रि में होती है। पहले दिन तय करें, फिर पूजा की विधि देखें।

किसी पूजा की सलाह मिली है?

ग्रह शांति और काल सर्प दोष निवारण अक्सर कुंडली देखने के बाद सुझाए जाते हैं, और इनके उद्देश्य व विधियाँ अलग हैं। जो सलाह आपको मिली है, उसका संदर्भ बताएँ ताकि उसी पूजा की तैयारी स्पष्ट हो।

आपकी पूजा सूची में नहीं है? नीचे दिए WhatsApp लिंक पर अवसर, शहर और पसंदीदा तारीख़ बताएँ।

बताइए, किस अवसर की तैयारी है?

बटन दबाने पर WhatsApp में एक छोटा संदेश तैयार खुलेगा। पंडितजी, तारीख़ और खर्च बातचीत में तय होते हैं — आपकी हाँ के बिना कुछ भी पक्का नहीं होता।

WhatsApp पर बात करें